desert

Today I operated a cargo flight from Mumbai to Ahmedabad. It was late evening departure from Mumbai. To be safer, I had decided to drive down to the airport in my own car instead of travelling with the chauffeur. While driving I noticed that people were roaming around everywhere. Especially in areas like Mankhurd, Govandi, … Continue reading desert

ज़िन्दगी

किसी ने क्या खूबसूरत जवाब दिया हैनींद आधी मौत हैऔर मौत मुकम्मल नींद है ज़िन्दगी तोह अपने ही तरीकेसे चलती हैज़िन्दगी तोह अपने ही तरीकेसे चलती हैऔरो के सहारे तोह जनाज़ा उठा करते है सुबह होती है शाम होती हैसुबह होती है शाम होती हैउम्र यु ही तमाम होती है कोई रो कर दिल बहलाता … Continue reading ज़िन्दगी

Falling behind 

Lately I have become lazy and not studying for ATPL written and oral examinations. I feel I'm falling behind and lost that pace which I had during year 2013-2014.  There are no secrets to success. It is the result of preparation, hard work, and learning from failure.

मेरे जैसा तू

आहटे, हो रही तेरी, दिल के दर पे मेरे, तू यही है कही ना कही। आहटे, हो रही तेरी, दिल के दर पे मेरे, तू यही है कही। कभी मेरे ख्वाब सा, कभी उलझे जवाब सा। के चंदा मे भी दाग सा, मेरे जैसा तू। के दरिया का हो इक सिरा, के अरमानो का सिलसिला, … Continue reading मेरे जैसा तू